चाहे कुछ भी टूटे,
हिम्मत टूटनी नहीं चाहिए।
क्योंकि दीये भी तो
हर रात हवा से लड़कर ही जलते हैं।
ज़िंदगी कभी काँच बनकर बिखरती है,
कभी पत्थर बनकर आज़माती है,
पर जो इंसान अपने भीतर की रोशनी बचा ले,
उसे अंधेरों की औकात नहीं डराती है।
हार जाना अंत नहीं होता,
थक जाना भी गुनाह नहीं,
बस इतना याद रखना—
गिरकर फिर उठने वालों की ही कहानी
वक्त सबसे खूबसूरती से लिखता है।
Nice drawing